आखिर क्या है मोब लीचिंग

Mob lynching आखिर क्या है मोब लीचिंग? जरूर पडें:-

 

एक तथ्य मोब लिंचींग का मतलब है #जनता_की_अदालत। 
जनता खुद जो न्याय करती हैं उनको मोब लिंचिंग बोला जाता है। मैं तो कहता हूं #हिंदूओ में आ रही #क्रांति का नाम ही #मॉब_लिंचिंग हैं।
*पहले गाय को काटो उसका तड़पता हुआ वीडियो बनाओ और फिर चिढ़ाने के लिए हिंदुओं को भेजो*
और फिर प्रतिक्रिया में हिंदू भाई उस कसाई को मार दे तो एकदम भोले बनकर मानवता की दुहाई देने लगो।
हजारों वीडियो है गाय काटने के इंटरनेट Net पर 
क्यों बनाए जा रहे हैं ऐसे वीडियो? 
आखिर क्या है मोब लीचिंग
हिंदुओं की आस्था पर चोट करोगे तो तुम्हारा सर्वनाश तो होगा ही मॉब लिंचिंग तो बहुत छोटी बात है।
*अपघ्नन्तो अराव्णः*
#समीक्षा – मेरी दृष्टि मेरे विचार
????
आपकी बात भले ही सही है,
लेकिन आपने पूरे सच को समझा नही है!
मे इस मामले मे लेख लिखना चाहता था विस्तार से 
लेकिन अभी जल्दबाजी मे लिखता हूं
क्योंकि, मैं बहुत दिनो से 
इस मामले को सुन रहा था 
और नजर रखे हुए था ..
देखो और सुनो बात ध्यान से 
???
माब लिन्चिग शब्द 
विदेशियो ने गढा है, 
असल मे इस शब्द का सही 
अर्थ होना चाहिए था 
जनता की तरफ से न्याय 
आखिर क्या है मोब लीचिंग
?
विदेशी 
इस बात को अच्छी तरह से जानते है कि,
जो देश की जनता जागरूक हो रही है, 
चाहे जिस भी 
कारण से जागरूक हो रही हो ..
आर्य समाज जागरूक कर रहा हो 
या गायत्री परिवार 
या अन्य कोई भी
विदेशी लोग 
अच्छी तरह से जानते है कि,
जागरूक हुई यह जनता 
कभी न कभी 
इस सडे हुए सिस्टम के विरुद्ध जरूर उठ खडी होगी 
इसलिए इन नीच लोगो ने 
उस क्रान्ति को दबाने के लिए 
पहले ही 
मॉब लिन्चिग शब्द को गढ लिया है ..
ध्यान देना 
आज हर सिस्टम सडा गला है ..
कोई आपको मारे दें या लूट लें
तो, सालो लग जाएगें सिद्ध करने में
किसी बेटी 
महिला के साथ रेप हो जाए तो वह दादी की उम्र की हो जाएगी लेकिन  उसे न्याय नही मिलेगा ..
आखिर क्या है मोब लीचिंग
कितनी नौटंकी हुई थी 
निर्भया दिल्ली केस की 
फास्ट ट्रेक अदालत बनी 
लेकिन 
मुजरिम आज भी जिन्दा है ..
एक मुजरिम ने खुद ही शर्मिन्दा होकर आत्महत्या कर ली लेकिन देश की न्याय व्यवस्था को शर्म नही आयी ..
एसे बहुत से मुद्दे है 
जिन पर 
हर आम व्यक्ति 
अन्दर से 
ठगा हुआ है दुःखी है ..
और 
अपना न्याय खुद करने के लिए मजबूर है ..
इसीलिए
धर्म और अपनी भावनाओं के विरुद्ध अन्याय से आहत समाज में उठ रही इस ज्वाल #क्रान्ति के
विरुद्ध षड्यंत्र के तहत आगमचेती से यह शब्द गढा गया है .. जिसका नाम दिया है उन हिंदु धर्म द्रोही विदेशी लोगो ने 
*मॉब लिन्चिग*
यदि इस लाबी को भीड तंत्र की 
इतनी ही चिंता होती तो पाकिस्तान आदि देश मे 
ईश निन्दा के नाम पर 
अत्यधिक हत्याकांड होते है ..
वहा यह क्यो बोलने नही जाते ?
आखिर क्या है मोब लीचिंग
*माब लिन्चिग*
मैंने जो शब्द कहे है 
वह बहुत आगे आने वाले समय के लिए कहे है ..
ऋषि दयानंद का साफ कहना है 
मनुष्य का आत्मा सत्य असत्य  का जानने वाला है ..
इसलिए 
सत्य कभी न कभी जरूर जनता के सबके सामने होगा
?
बच्चा चोरी की वारदातो के बाद भीड का खुद ही न्याय करना 
नये युग के संकेत है ..
?
कभी निठारी कांड को याद करना जहा पर अनगिनत बच्चो को काटकर गटर मे फेंक दिया था 
और वह केस अभी भी चल रहा है ..
अभियुक्तो ने जुर्म स्वीकार कर लिया था उसके बाद भी केस चल रहा है ..
तो आपको क्या लगता है ?
जनता की नजर मे नही है यह चीज? 
मुलायम सिंह की सरकार में हुआ था यह कांड और आज कितनी सरकारे बदल गई है उत्तर प्रदेश मे 
तब से आजतक ..
सोचना कभी
जिनके हाथो में
मीडिया है या उच्च स्तरीय 
ताकते इस बात को अच्छी तरह से समझ रही है कि, जनता एक दिन इस सडी गली व्यवस्था से  ऊबकर न्याय जरूर करेगी 
यह डर भी है उनको ..
आखिर क्या है मोब लीचिंग
इसलिए यह शब्द गढा गया है 
जिसका नाम है ..
*मॉब लिन्चिग*
इस शब्द प्रयोग करके सबसे ज्यादा चिल्लाता रहा है 
*बीबीसी लन्दन*
ध्यान देना कभी ..
☝☝☝☝☝
[जबकि यह मॉब लिन्चिग नही है यह है न्याय ..
मॉब लिन्चिग वह है जो  मुसलमान करते है 
हमेशा और हर देश मे ..
लेकिन  इस पर बोलने का साहस नही है बीबीसी के पास
क्योंकि,
विदेशी अच्छी तरह से जानते है कि, इस देश की जनता को (मेरा मतलब हिन्दू जनता से है)
वह दबा नही सकते सीधे सीधे
इसलिए पहले इन्हे मुसलमान बनाओ और फिर  इन पर राज करो ..
(आपने ध्यान दिया होगा ईसाई मिशीनरी अक्सर मुसलमानो का पक्ष लेती है उसका यही अंदरूनी कारण है)
क्योंकि, एक बार मुसलमान बनने के बाद व्यक्ति हो या देश वह भिखारी बन जाता है !
फिर उसे दबाना उस पर राज करना अपेक्षाकृत आसान है !
उदाहरण  #पाकिस्तान

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