राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सात लोकसभा सीटों के लिए चुनाव प्रचार का शोर शुक्रवार शाम को थम गया। राजधानी में प्रचार अभियान के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर एक हमला हुआ, खरीद-फरोख्त के आरोपों को लेकर आप और भाजपा के बीच तीखे आरोप प्रत्यारोप लगाये गये, हलफनामों में कथित विसंगतियों को लेकर प्रतिद्वंद्वियों उम्मीदवारों ने एकदूसरे के खिलाफ बयानबाजी की। साथ ही दिल्ली में सत्ताधारी आप की एक महिला उम्मीदवार संवाददाता सम्मेलन में रो पड़ीं।

दिल्ली की सात लोकसभा सीटों के लिए कुल 164 उम्मीदवार मैदान में हैं जिसमें 18 महिला उम्मीदवार हैं। इन सीटों के लिए मतदान छठे चरण के तहत रविवार को होगा।

सभी सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है जिसमें भाजपा, आप और कांग्रेस शामिल होंगी। 2014 में दिल्ली की सभी सात सीटें भाजपा ने जीती थी।

चुनाव मैदान में प्रमुख नेताओं में वरिष्ठ कांग्रेस नेता शीला दीक्षित, ओलंपिक मुक्केबाज विजेंदर सिंह, केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन, आप से आतिशी और भाजपा से गौतम गंभीर शामिल है। मतदान 12 मई को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा। इससे पहले शुक्रवार को दिन में दिल्ली के सीईओ रणबीर सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि प्रचार आज शाम में समाप्त हो जाएगा।

शाम छह बजे के बाद 48 घंटे तक प्रचार का कोई भी माध्यम नहीं अपनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में 2700 स्थलों पर कुल 13819 मतदान केंद्र स्थापित किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि 523 मतदान केंद्रों की पहचान संवेदनशील के तौर पर की गई है जिनके लिए विशेष सुरक्षा उपाय लागू किये गए हैं।

दिल्ली में लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार की शुरुआत धीमी रही क्योंकि आप और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिनों तक जारी रही। प्रचार में पिछले पखवाड़े में तब तेजी आयी जब वरिष्ठ नेताओं की रैलियों और रोडशो में भारी भीड़ जुटनी शुरू हुई। प्रचार के आखिरी चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली की।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दो जनसभाओं को संबोधित किया जबकि उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा ने शहर में दो रोडशो किये। बसपा सुप्रीमो मायावती, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और उनकी पार्टी के मुख्यमंत्रियों योगी आदित्यनाथ, विजय रूपाणी, पेमा खांडू, सरबानंद सोनोवाल, केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, नितिन गडकरी और गिरिराज सिंह ने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया।

प्रचार अभियान के दौरान सिने स्टार हेमा मालिनी, सनी देओल, प्रकाश राज, स्वरा भास्कर ने विभिन्न दलों के उम्मीदवारों के लिए समर्थन मांगा। भाजपा का प्रचार राष्ट्रवाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता के इर्दगिर्द घूमता रहा जबकि कांग्रेस ने अपने प्रचार में अपनी न्यूनतम आय गारंटी योजना..न्याय पर जोर दिया। आप ने अपना प्रचार दिल्ली के लिए पूर्ण राज्य की मांग पर केंद्रित रखा।

आप उम्मीदवारों में आतिशी और राघव चड्ढा ने अपने भाजपा प्रतिद्वंद्वियों क्रमश: गौतम गंभीर और रमेश बिधूड़ी के नामांकन रद्द करने की चुनाव आयोग से मांग की। प्रचार के दौरान आचार संहिता उल्लंघन की कई शिकायतें चुनाव अधिकारियों के सामने आये। मुख्यमंत्री की सुरक्षा में उस समय सेंध लगी जब एक व्यक्ति ने मोतीनगर में एक रोडशो के दौरान उन्हें थप्पड़ मार दिया।

खरीद फरोख्त के आरोप लगाये गए क्योंकि आप के दो विधायक अनिल बाजपेयी और देवेंदर सेहरावत भाजपा में शामिल हो गए। प्रचार के दौरान दक्षिणी दिल्ली से भाजपा सांसद ने केजरीवाल के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। प्रचार समाप्त होने से एक दिन पहले आप और भाजपा उस अपमानजनक पर्चे को लेकर आपस में भिड़ गए जिसमें आप की उम्मीदवार आतिशी को निशाना बनाया गया था। आप ने आरोप लगाया कि पर्चे के पीछे गौतम गंभीर हैं जबकि पूर्व क्रिकेटर से आरोप से इनकार किया। दिल्ली में 1.43 करोड़ से अधिक मतदाता हैं जिसमें 78,73,022 पुरुष और 64,42,762 महिला मतदाता हैं जबकि 669 थर्ड जेंडर के हैं।

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