1. आजमाती है जिंदगी उसी को,जो इम्तिहान के काबिल होता है;यूँ हर किसी को खुदा नहीं आजमाता.

  2. वो मिली भी तो क्या मिली बन के बेवफा मिली,इतने तो मेरे गुनाह ना थे जितनी मुझे सजा मिली।

  3. बहुत अजीब हैं ये मोहब्बत करने वाले,बेवफाई करो तो रोते हैं और वफा करो तो रुलाते हैं।

  4. यूँ है सबकुछ मेरे पास बस दवा-ए-दिल नही,दूर वो मुझसे है पर मैं उस से नाराज नहीं,मालूम है अब भी मोहब्बत करता है वो मुझसे,वो थोड़ा सा जिद्दी है लेकिन बेवफा नहीं।

  5. मेरी निगाहों में बहने वाला ये आवारा से अश्कपूछ रहे है पलकों से तेरी बेवफाई की वजह।

  6. रुशवा क्यों करते हो तुम इश्क़ को, ए दुनिया वालो,मेहबूब तुम्हारा बेवफा है, तो इश्क़ का क्या गनाह।

  7. क्या जानो तुम बेवफाई की हद दोस्तों,वो हमसे इश्क सीखती रही किसी ओर के लिए।

  8. हमारी तबियत भी न जान सके हमे बेहाल देखकर,और हम कुछ न बता सके उन्हें खुशहाल देखकर।

  9. मत रख हमसे वफा की उम्मीद ऐ सनम,हमने हर दम बेवफाई पायी है,मत ढूंढ हमारे जिस्म पे जख्म के निशान,हमने हर चोट दिल पे खायी है।

  10. उन्हें एहसास हुआ है इश्क़ का हमें रुलाने के बाद,अब हम पर प्यार आया है दूर चले जाने के बाद,क्या बताएं किस कदर बेवफ़ा है यह दुनिया,यहाँ लोग भूल जाते हैं किसी को दफनाने के बाद।

  11. ऐ दोस्त कभी ज़िक्र-ए-जुदाई न करना,मेरे भरोसे को रुस्वा न करना,दिल में तेरे कोई और बस जाये तो बता देना,मेरे दिल में रहकर बेवफाई न करना।

  12. बेवफ़ाओं की महफ़िल लगेगी ऐ दिल-ए-जाना,आज ज़रा वक़्त पर आना मेहमान-ए-ख़ास हो तुम।

  13. बेवफ़ाई का मुझे… जब भी ख़याल आता है,अश्क़ रुख़सार पर आँखों से निकल जाते हैं।

  14. कहाँ से लाऊं वो शब्द जो तेरी तारीफ के क़ाबिल हो,कहाँ से लाऊं वो चाँद जिसमें तेरी ख़ूबसूरती शामिल हो,ए मेरे बेवफा सनम एक बार बता दे मुझकों,कहाँ से लाऊं वो किस्मत जिसमें तू बस मुझे हांसिल हो।

  15. काश कि हम उनके दिल पे राज़ करते,जो कल था वही प्यार आज करते,हमें ग़म नहीं उनकी बेवफाई का,बस अरमां था कि…हम भी अपने प्यार पर नाज़ करते।

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