आईपीएल के इस सीजन में कई खिलाड़ी अपने बल्लेबाजी और गेंदबाजी से लोगों के दिलों में राज कर रहे हैं, जिसमें बैंगलोर के पार्थिव पटेल का नाम भी शामिल है। पार्थिव पटेल इस सीजन में कुछ मैच में अपनी टीम के लिए अकेले आखिरी दम तक लड़े हैं, लेकिन टीम की नाकामयाबी के तले इनका योगदान फीका रह गया। जी हां, पार्थिव पटेल एक बेहतरीन ओपनर के रूप में जाने जाते हैं और इनकी पहचान विकेटकीपर के तौर पर होती है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि हर मैच के बाद पार्थिव पटेल तुरंत ही अस्पताल चले जाते हैं। तो चलिए जानते हैं कि हमारे इस लेख में आपके लिए क्या खास है? बैंगलोर के तरफ से खेल रहे पार्थिव पटेल इस सीजन में दोहरी ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं।

पार्थिव पटेल मैच खेलने के तुरंत बाद अस्पताल भाग जाते हैं, जिससे उनके फैंस काफी झटका लगा हुआ है। हालांकि, पार्थिव पटेल मैच के तुरंत बाद अस्पताल का रुख करते हैं, इसके बारे में भी बहुत ही कम लोगों को पता है, लेकिन उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में अस्पताल जाने के पीछे की वजह का खुलासा किया है, जिसे जानने के बाद हर कोई उन्हें सैल्यूट कर रहा है।

मैच खत्म होने के तुरंत बाद पार्थिव पटेल अस्पताल का रुख करते हैं, क्योंकि उनके पापा लंबे समय से बीमार हैं, जिसकी वजह से उन्हें हैदराबाद के किसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हालात में पार्थिव पटेल को दोहरी जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है। दरअसल, पार्थिव पटेल के पापा को ब्रेन हैमरेज है, जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है, ऐसे में पार्थिव पटेल को काफी ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और वे मैच खत्म होने के तुरंत बाद ही अस्पताल अपने पापा की देखरेख के लिए जाते हैं।

पार्थिव पटेल ने इंटरव्यू में बताया कि उनका ध्याम हमेशा फोन पर ही लगा रहता है, लेकिन मैच के दौरान उनके घरवाले उन्हें फोन नहीं करते हैं और वे जब मैच खेलकर आते हैं, तो सीधा फोन की तरफ देखते हैं और तुरंत डॉक्टर से बातचीत करते हैं। हालांकि पार्थिव पटेल ने कहा कि जब मैं मैदान में होता हूं, तो सब कुछ भूल जाता हूं, ताकि खेल पर कोई असर न पड़े। मतलब साफ है कि इतने दु:ख भरे माहौल में भी पार्थिव पटेल अपनी ज़िम्मेदारियों को निभाने से पीछे नहीं हट रहे हैं। साथ ही आपको बता दें कि पार्थिव पटेल के पापा फरवरी से अस्पताल में एडमिट हैं।
कड़े फैसले लेने पड़ते हैं- पार्थिव पटेल

पार्थिव पटेल ने कहा कि मेरी पत्नी और मां पापा का ध्यान रख रहे हैं, लेकिन कुछ कड़े फैसले लेने में मुझसे पूछा जाता है। साथ ही पार्थिव ने बताया कि जब मैं फोन उठाता हूं, तो डर लगा रहता है कि कहीं कोई बुरी खबर तो नहीं है। पार्थिव ने कहा कि मैं लगातार डॉक्टर से संपर्क में रहता हूं, लेकिन मेरे लिए परिवार और खेल दोनों ही ज़रूरी है, इसलिए मैं दोनों ही ज़िम्मेदारी निभा रहा हूं।

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