श्रीलंका के कोलंबो समेत देश के कई चर्चों में ईस्टर पर्व के मौके पर हुए सीरीयल ब्लास्ट के बाद अब वहां की सरकार ने अपने तेवर कड़े कर दिए हैं। इस धमाके की जांच से लेकर वहां की इंटेलिजेंस एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। वहीं इससे अलग श्रीलंका की सरकार ने बीते रविवार को कड़ा फैसला लिया है। दरअसल इन धमाकों के बाद श्रीलंका की सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह फरमान देश में सोमवार से लागू भी हो चुका है।
गौरतलब हो कि ईस्टर पर्व के मौके पर श्रीलंका के चर्च को निशाना बनाते हुए सीरियल ब्लास्ट को अंजाम दिया गया था, इन धमाकों में 200 से ज्यादा लोग मारे गए थे। इन धमाकों की जिम्मेदारी आतंकी संगठन आईएस ने ली थी, जिसके बाद अब वहां की सरकार ने एक के बाद एक कड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। श्रीलंकाई सरकार के इस आदेश के बाद अब देश में रहने वाली मुस्लिम महिलाएं भी बुर्का नहीं पहन सकेंगी।
श्रीलंका के राष्ट्रपति ने लिखा है कि ‘ऐसे कपड़े पहनना जो चेहरे को पूरी तरह से ढ़कते हों, सोमवार से उन पर प्रतिबंध है।’ बताते चलें कि कुछ दिन पूर्व ही श्रीलंका की संसद में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बुर्का पर प्रतिबंध लगाने संबंधी प्रस्ताव भी पेश किया गया था। सांसद आशु मरासिंघे ने कहा था कि बुर्का मुस्लिमों का पारंपरिक परिधान नहीं था।
इसके अलावा वहां के All Ceylon Jamiyyathul Ulama नाम के एक मौलवियों के संगठन ने भी कुछ दिन पहले एक आदेश जारी कर कहा था कि महिलाओं को बुर्का या फिर चेहरे ढ़कने वाले कपड़ों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसा इसलिए कहा गया था, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा में किसी तरह की बाधा न आए। ऐसा माना जा रहा था कि प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे इस पर हामी नहीं भरेंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं।

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