विश्व कप 2019 (World Cup 2019) के लिए भारतीय टीम चुने जाने के बाद दिनेश कार्तिक की पहली प्रतिक्रिया आई। उन्होंने कहा कि “ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू ODI श्रृंखला में ड्रॉप किए जाने के बावजूद उन्हें इस बात का विश्वास था कि टीम इंडिया में उनका चयन होगा”। नियति को भी शायद यही मंजूर था। कार्तिक को “अनुभवी कीपर और बेहतर फिनिशर” होने का फायदा मिला और वो लंदन की उस फ्लाइट में होंगे जिसका इंतजार उन्होंने पिछले 12 साल से किया है। कार्तिक 2007 विश्व कप टीम का हिस्सा थे लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। क्या कार्तिक के लिए यह सफर इतना आसान था जितना दिखता है।

कार्तिक को उनकी मेहनत का फल मिला है और इसकी शुरूआत साल 2016 में हुई थी। कार्तिक ने कैसे “HOUSE OF Pain” से वर्ल्ड कप तक का सफर तय किया उसके पीछे शायद खुद कार्तिक भी इस शख्स को क्रेडिट जरूर देंगे। जानिए कैसे शुरू हुई थी हमेशा हड़बड़ी में रहने वाले कार्तिक के गंभीर खिलाड़ी और बेहतर फिनिशर बनने की कहानी।

ईमानदार हैं कार्तिक
दिनेश कार्तिक (DK),टीम इंडिया के लिए एक ऐसे फिनिशर हैं जिन्होंने पिछले दो सालों में भारतीय टीम में अपनी भूमिका तय की। यह उनकी सबसे बड़ी जीत थी। कार्तिक अपने बयान में बड़े ही ईमानदार दिखते हैं। जब उन्हें धोनी की वजह से टीम इंडिया में न शामिल किए जाने पर सवाल पूछा गया तो उनका जवाब था “मैं ने किसी साधारण क्रिकेटर नहीं बल्कि धोनी की वजह से अपनी जगह गंवाई और सच यह है कि मैं लगातार बढ़िया परफॉर्म नहीं कर रहा था,मुझे शायद इसलिए बहुत मौके नहीं मिले।” हमेश किसी जल्दबाजी में दिखने वाले कार्तिक की जिंदगी में जिस शख्स ने बदलाव लाया उनक नाम है अभिषेक नायर। जानिए कैसे इस शख्स ने DK के विश्व कप 2019 टीम में पहुँचने की स्क्रिप्ट लिखी। कहते हैं अगर जीवन में एक सच्चा दोस्त मिल जाए तो वह आपकी जिंदगी बदल सकता है। इस शख्स की कहानी भी कुछ ऐसी ही है जिसने अपने दोस्त की जिंदगी में चार चाँद लगा दिए।

निदहास ट्रॉफी के फाइनल मैच की 8 गेंदों ने दिनेश कार्तिक की जिंदगी बदल कर रख दी। इस बदलाव के पीछे थी उनके दोस्त अभिषेक नायर की मेहनत और एक बूट कैंप। WWE के प्रचलितशब्द शब्द “HOUSE OF Pain” को नायर ने खास कार्तिक के लिए बनाया था जहां उन्हें रहना होता था और ट्रेनिंग करनी होती थी। अक्सर सुख-सुविधाओं में रहकर हम शायद वो हासिल नहीं कर पाते हैं जो मुश्किल हालात से गुजरने और विषम परिस्थिति के बाद हासिल किया जा सकता है।

दिनेश कार्तिक तब (2014-15) रिटायरमेंट का प्लान बना रहे थे। आईपीएल में उनका फॉर्म बढ़िया नही था और घरेलू क्रिकेट में भी वो लगातार फ्लॉप हो रहे थे तब टीम इंडिया के लिए महज 2 ODI खलेने वाले अभिषेक नायर न कार्तिक की जिंदगी बदलने का फैसला लिया। कार्तिक के जिगरी यार नायर ने “House of Pain” के जरिए उन्हें कंफर्ट जोन से बाहर निकाला। आईपीएल-2016 से पहले नायर ने मुंबई में कार्तिक को अपने एक घर में रहने की चुनौती दी थी। घर इतना छोटा था कि जहां से शुरू होता था वहीं खत्म। चेन्नई में रहने वाले कार्तिक ने सभी आरामदेह चीजों का त्याग कर अपने बेहतर भविष्य के लिए यह कैंप चुना था और उनके साथी अभिषेक इसमें उनकी पूरी मदद कर रहे थे। कार्तिक को उस कमरे को साफ रखना होता था और नहाने के लिए उन्हें उसी कमरे में एक टूटा मग और बाल्टी मिली थी जिससे उन्हें काम चलाना पड़ता था ।

अभिषेक ने एक वेबसाइट को दिए साक्षात्कार में बताया कि “जब वह मेरे पास आया तो मैं ने उसके लिए यह विकल्प चुना। कमोबेश यह उसके लिए एक टॉर्चर जैसा ही था। वह गुस्से में कभी-कभी झुंझलाता भी था लेकिन उसे उसी कमरे में रहना था। उस कमरे में रहकर जब कार्तिक परेशान हो गया तो उसने मुझसे गिड़गिड़ाते हुए एक रात होटल में रहने देने की बात कही लेकिन मैं ने साफ मना कर दिया। आईपीएल में उसे हर साल मोटी रकम मिलती थी लेकिन नेशनल टीम में खेलने को लेकर वह अपनी प्रतिभा पर ही शक करने लगा था। हमेशा आत्मविश्वास से लबरेज रहने वाले इस खिलाड़ी को खुद पर शक करते देख मुझे बहुत दुख हुआ था। रणजी में अच्छा प्रदर्शन नहीं करने की वजह से उसकी कीमत 9 करोड़ से घटकर 2 करोड़ पर आ गई थी जब उसे गुजरात लायंस ने खरीदा था। नायर ने बताया कि उसे ऐसा लगने लगा था कि (2016 के बाद) अब आईपीएल में भी बड़ी कीमत में नहीं खरीदा जाएगा, तब वो प्रवीण आमरे सर से ट्रेनिंग के लिए मुंबई आया था। कार्तिक ने इस स्टिंट से पहले घरेलू क्रिकेट के 12 मैच में 32 की औसत से 355 रन बनाया, तब वह टीम इंडिया में वापसी की सोच भी नहीं रहा था उसका ध्यान सिर्फ खुद को घरेलू क्रिकेट में बेहतर करना था जिसके लिए वो खुद मेरे पास आया।”

नायर ने कार्तिक को सफल बनाने के लिए मुंबई के एक लोकल कोच अपूर्व देसाई से मुलाकात की और अपने दोस्त की समस्या के बारे में सारी बात बताई। मुंबई के पूर्व ओपनर अमित पेगनिस ने भी कार्तिक के खेल को सुधारने में मदद की। उन्होंने कार्तिक के स्लॉग स्वीप पर काम किया जिसके लिए अब वो और भी महारत हासिल कर चुका है। “House of Pain” से नायर ने कार्तिक के फूट मूवमेंट और बल्लेबाजी पर काम कर उन्हें घरेलू क्रिकेट में शानदार वापसी करवाई जिसकी वजह से उन्हें वापस टीम इंडिया में मौका मिला। नायर ने बताया कि ‘दोपहर में हम दो बार ट्रेनिंग करते थे, फिर जाते थे और उसके बाद मेडिटेशन किया करते थे. बैटिंग तकनीक पर काम करना उसके लिए मददगार साबित हुआ और उसे टीम में जगह मिल गई। रोहित शर्मा को भी उन्होंने एक बार इसी तरह की ट्रेनिंग 2011 वर्ल्ड कप के बाद दी थी. इस सेशन के बाद घरेलू क्रिकेट में कार्तिक ने 14 पारियों में 50 की औसत से 704 रन बनाए थे। इतना ही नहीं ODI के 9 मैच में 118 की औसत से 607 रन बनाए जिसमें 2 शतक और एक अर्धशतक शामिल था। 2017 आईपीएल खत्म होने के बाद उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी की टीम इंडिया में जगह मिली। चैम्पियंस ट्रॉफी के बाद कार्तिक ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। हालांकि उन्होंने अपने टीम में चुने जाने के बाद कहा है कि “जब मुझे घरेलू ODI श्रृंखला में नहीं चुना गया तो हैरानी भी हुई थी”

नायर से यह भी बताया कि इस तरह साथ रहते हुए ऐसा लगने लगा था कि मैं उसका पर्सनल सेक्रेटरी बन चुका हूं या यूं कहें इससे अधिक वो मेरे लिए ‘दूसरी बीवी’ बन चुका था। कार्तिक बहुत ही अंधविश्वासी भी है लेकिन हम ने इस पर भी काम किया अब वो क्रीच पर स्ट्राइक लेने वक्त सिर्फ लंबी सांसे लेता है और अपना शॉर्ट खेलता है। हालांकि नायर ने मजाकिए लहजे में यह भी कहा कि उसने मुझे कोई गुरू दक्षिणा नहीं दी है लेकिन पिच पर उसकी सफलता ही मेरे लिए खुशी का सबसे बड़ा कारण है। अमेरिका में हुई कार्तिक से मुलाकात नायर ने बताया कि एक बार मैं और मेरी पत्नी अमेरिका में थे तो कार्तिक से मुलाकात हुई, उसने बताया कि उसकी सासू मां एक ट्रेवल एजेंसी चलाती हैं और वो सस्ते में टिकट का इंतजाम करवा देगा। मेरे हामी भरने के बाद पता चला कि उसने तो झूठ बोला था और उसने मेरी टिकट खुद करवाई थी।

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