Masoom bachchiyon ke balatkar par Hindi Poem

Masoom bachchiyon ke balatkar par Hindi Poem:-

 

माँ मेरा # कसूर नही था________
एक चाचू से चॉकलेट ही तो ली थी ..
__________________ # बाबा सा वो लगता था !!
मुझे बोला तुम # बेटी हो मेरी !!
_________________ उसके पहलू मे बैठ गई मै ..
चॉकलेट खाती , बाते करती ..
_________________हाथ मेरे सर पर जो फेरा ..
मै समझी थी इंसान ही ही होगा …
उसकी भी कोई #बेटी होगी सायद उसने इसलिए चुम्मा मुझको..
मै भी खुश होकर गले से लग गयी….
___________ #माँ मेरा #कसूर नहीं था……

balatkar par Hindi Poem

एक चाचू से चॉकलेट ले ली ..
10 का नोट भी पकड़ाया था ..
मुझको जैसे बाबा याद आये …
खुशी से लेकर सोचा मैन्ने ..
चाचू के पैसे से 2 rupee की चॉकलेट और भी लैनी है मैने ..
3 Rupee भइया को दुगी ..
5 Rupee की गुडिया भी लेनी है मैने..
ऐसे मै वो बाते करता घर से दुर ले ले आया मुझे..
#माँ मेरा कसूर नहीं था ..
इक चाचू से चॉक लेट ले ली , मुझको कुछ भी समझ ना आया…
उसने अचानक लहजा बदला..
मुझे यू # जमीन पर लैटाया ….
मुँह मेरा जो बंद किया तो…
मुझे फिर मालूम नही था..
# चिल्हाकर तुझको बुलाना चाहा # ए_माँ ..
#माँ मेरे मासूम से जीस्म को चाचू ने
_______________________माँस का टुकड़ा समझा..
# कुत्ते की तरह काटा मुझको..
# बिल्ली की तरह वो देख रहा था. ..
#माँ अब मै सह ना पायी ..
आज तेरी कली मुरझा गई..
#माँ मेरे हाथ मे दैखो…
# एक चॉकलेट तो खा ली थी मैंने..
_____________________और एक हाथ में होगी ..

balatkar par Hindi Poem

 

 

#माँ अबकी बार अगर पैदा होऊ मैं ..
मुझको खुद से दुर ना करना
#माँ सुनो सुनो मैं माँस का टुकड़ा थी क्या.???
मैने क्या मांगा था.??
एक चॉकलेट के बदले?
MAA मै जान गवाकर कर आयी !!
# Maa मैं चिड़िया थी तेरी..
एक दाने पर जान गवाई ..
सुनो #माँ अबकी बार # पैदा हौऊ मैं ..
तो मुझको खुद से दुर ना करना !!!
_____________________मुझको खुद से दुर ना करना !!!
_________ # माँ_मेरा_कसूर_नही_था_________

 

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