BATTI GUL METER CHALU DIALOGUES

हरी (उत्तराखंड) में रहने वाले सुशील कुमार उर्फ एसके (शाहिद कपूर), ललिता नौटियाल (श्रद्धा कपूर) और सुंदर मोहन त्रिपाठी (द्वियेंदु शर्मा) बहुत अच्छे दोस्त हैं। एसके एक छोटा-मोटा वकील है। ललिता फैशन डिजाइनर है। सुंदर लोन लेकर प्रिंटिंग प्रेस खोलता है। ललिता को दोनों चाहते हैं। ललिता को दोनों में से एक को चुनना है। दोनों ललिता के साथ एक सप्ताह बारी-बारी से डेटिंग करते हैं और आखिरकार सुंदर को ललिता चुन लेती है। इस बात का एसके को बहुत बुरा लगता है।

सुंदर की प्रिटिंग प्रेस का बिजली का बिल 54 लाख रुपये आ जाता है। वह बिजली विभाग के चक्कर लगाता है, लेकिन कोई हल नहीं निकलता। बिजली काट दी जाती है और इससे उसका नुकसान होने लगता है। वह एसके से मदद मांगता है, लेकिन जला-भुना एसके मदद नहीं करता। इस प्रेम- त्रिकोण का क्या होता है? सुंदर 54 लाख रुपये के बिल से कैसे छुटकारा पाता है? यह फिल्म का सार है।

सिद्धार्थ-गरिमा ने मिलकर यह फिल्म लिखी है। इन लोगों ने पहले मुद्दा सोचा और फिर उस पर कहानी बनाई। कहने को इनके पास ज्यादा कुछ नहीं था, इसलिए प्रेम-त्रिकोण और दोस्ती-दुश्मनी वाला एंगल फिल्म में डाला, जो केवल फिल्म की लंबाई बढ़ाने के काम आता है। फिल्म में ऐसे कई दृश्य हैं जो निहायत ही फालतू हैं और इनका फिल्म से कोई लेना-देना नहीं है।

  1. “Yato Jalja Ya Bujh Ja Bul, Yai Bund Bujh Band Bujh Kya Laga Rakhe…”

  2. “Jeetnai Se Jeyada… Ladna Zaroori Thaira”

  3. “Abay UK To Uttrakhand He Thaira Konsa London Dhoray Khul Rahai Tere Factory Mein Bal”

  4. “Main Dosro Ke Tarhan Safaid Kapday Pahen Ke Haath Jod Ke Tamasha Daikhnai Wala Na Hoo Ab… Kalay Kapday Pahen Ke Is SPTL Ke Naak Mein Damm Karnai Wala Thaira”

  5. “Fact To Sub Mere Pass Hai… Or Aap Ke Hotay Huwai Figue Ke Baat Main Kaisaikaroon Madam”

  6. “Beta Shadi Layak…Par Baap Chala Ghodi Chadhne”

  7. “Jo Ganga Mein Bahai Wo Kaha Milay Bal”

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