Cinderella Story in Hindi Written / जादुई कहानी। २०१९ की बेस्ट परियों की कहानियां हिंदी में।

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सिंड्रेला की कहानी हिंदी में।

सिंड्रेला की कहानी हिंदी में बताओ

 

 

Cinderella Story in Hindi Written सिंड्रेला एक खूबसूरत और दयावान लड़की थी।  बचपन में ही उसके माँ की मृत्यु हो गयी।  माँ की मृत्यु के बाद सिंड्रेला के पिताजी ने दूसरी शादी की।

 

 

 

 

माँ की मृत्यु से सिंड्रेला उदास रहने लगी।  उसकी मुश्किल इतने पर भी ख़त्म नहीं हुई।  उसकी सौतेली माँ  की दो बेटियां पहले से ही थी।  सभी सिंड्रेला से बहुत नफ़रत करते थे।

 

 

 

 

सिंड्रेला की मुश्किलें ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही थी।  इस सभी मुसीबतों से वह किसी तरह से लड़ रही थी कि तब तक उसके पिताजी की मृत्यु हो गयी।

 

 

 

Cinderella Story in Hindi Written

 

 

 

सिंड्रेला की सौतेली माँ और उसकी सौतेली बहने हमेशा सिंड्रेला से चिढ़ती थीं।  वे सिंड्रेला से घर का सब काम करवाते और खाने में केवल बचा हुआ खाना देते थे।

 

 

 

 

सिंड्रेला बहुत दुखी रहती और अपने कमरे में जाकर बहुत रोती थी।  वहाँ कुछ चूहे थे जो उसे सांत्वना देते थे।  उसके साथ खेलते और उसका मन बहलाते थे।

 

 

 

इधर राज्य के राजा का लड़का युवावस्था में पहुँच गया था।  उन्हें अपने लडके के विवाह की चिंता हो रही थी।  यह सब बातें उन्होंने अपने मंत्रियों को बताया।

 

 

 

 

मंत्रियों ने उन्हें राजमहल में एक ख़ास कार्यक्रम का आयोजन करने को कहा और उसमें राज्य के उन परिवारों जिनके घर में युवा लड़कियां थीं उनके परिवार को आमंत्रित करने का सुझाव दिया।

 

 

 

राजा को मंत्री का सुझाव बहुत पसंद आया।  उन्होंने पुरे राज्य में युवा उत्सव की घोषणा कर दी।  सिंड्रेला भी इस उत्सव में जाने को उत्सुक थी, लेकिन उसकी सौतेली माँ उसे जाने नहीं दिया।

 

 

 

Cinderella Story Hindi

 

 

 

सिंड्रेला की बहनें और उसकी माँ ने खूबसूरत कपड़ा पहना और राजभवन को रवाना हो गयी।  इधर सिंड्रेला बहुत फूट – फूटकर रोने लगी।  तभी अचानक से वहाँ एक परी प्रकट हुई।

 

 

 

 

उसे देखकर सिंड्रेला हैरान रह गयी।  तब परी ने कहा, ” हैरान ना हो सिंड्रेला।  मुझे तुम्हारी माँ ने ही भेजा है।  मुझे तुम्हारे बारे में सबकुछ पता है।  अब तुम्हारी हर परेशानी ख़त्म होने वाली है। तुम भी राजभवन को जाओगी।  ”

 

 

 

 

इसपर सिंड्रेला ने कहा, ” मेरे पास कोई अच्छे कपडे नहीं है।  ना ही अच्छी सैंडल है और अब तो काफी देर भी हो चुकी है।  ”

 

 

 

परी ने मुस्कुराते हुएए अपनी छड़ी घुमाई और सिंड्रेला के फटे – पुराने कपड़े बेहद ही आकर्षक पोशाक में बदल गयी और उसकी सैंडल चमकीले शीशे की जूती में बदल गयी और उन्होंने एक खूबसूरत जादुई बग्गी का भी बंदोबस्त कर दिया, जिसमें खूबसूरत घोड़े लगे हुए थे।

 

 

 

सिंड्रेला इससे बड़ी खुश हुई और उसने परी को धन्यवाद किया।  तब परी ने कहा, ” सिंड्रेला यह बात ध्यान रखना कि यह जादू रात १२ बजे तक ही काम करेगा।  तुम्हे इसके पहले ही वापस लौटना होगा।  ”

 

 

 

 

सिंड्रेला ने एक बार फिर से परी को धन्यवाद किया और राजमहल की तरफ चल दी।  उसकी बग्गी तेज रफ़्तार से भागी और समय से वह पहुँच गयी।

 

 

 

राजमहल  बेहद ही खूबसूरत लग रहा था।  वहाँ तरह – तरह के पकवान रखे गए थे।  सभी लोग खूब मस्ती कर रहे थे। जब सिंड्रेला वहां पहुंची तो हर कोई बस उसकी खूबसूरती को निहारता रह गया।  सबकी निगाहें सिंड्रेला पर अटक गयीं।  वह पहचान में ही नहीं आ रही थी।  यहां तक की उसकी सौतेली माँ और बहनें भी उसे पहचान नहीं पायी।

 

 

 

 

राजकुमार ने जैसे ही सिंड्रेला को देखा उसका दीवाना हो गया।  वह पूरी पार्टी में सिर्फ सिंड्रेला के  साथ ही नृत्य  करता रहा।  सिंड्रेला बहुत प्रसन्न थी।  अचानक उसे परी की बात याद आ गयी।  उसनेसमय देखा बारह बजने ही वाले थे।

 

 

 

वह तेजी से वहाँ से निकली। उसके  पीछे राजकुमार भी तेजी से भागा। उसी जल्दबाज़ी में सिंड्रेला की  शीशे की  एक  जूती  उसके पैरों से निकल गयी ।  सिंड्रेला के पास उसे उठाने का समय नहीं था।  वह तेजी से भागी और वहा से अपने घर चली आयी।

 

 

 

 

राजकुमार ने वह जूती को रख लिया।  राजकुमार ने अपने पिताजी को सारी बात बताई और कहा, ” मैं उसी लड़की से शादी करूंगा जिसके पेअर में यह जूती आएगी।  ”

 

 

 

सिंड्रेला कहानी

 

 

 

राजा ने पूरे राज्य में अपने मंत्री और सैनिकों को भिजवाया और आदेश दिया कि, ” जिस भी लड़की के पेअर में यह जूती आये उसे पुरे सम्मान से राजमहल में लाया जाए।  ”

 

 

 

राजा के मंत्री और सैनिक घर – घर में जाकर सभी युवा लड़कियों को वह जूती पहनाकर देखने लगे लेकिन वह किसी के पैर में नहीं बैठी। अंत में वह सिंड्रेला के घर आये।

 

 

 

वहाँ उसकी सौतेली बहनों उसे पहनने की पूरी कोशिश की लेकिन उसके पैर में वह नहीं आयी। इसी बीच सिंड्रेला उन मंत्रियों के लिए पानी लेकर आयी।

 

 

 

जब मुख्य मंत्री ने सिंड्रेला को भी जूती पहनने की कोशिश करनी चाही।  तब उसकी सौतेली माँ ने कहा, ” अरे यह तो नौकरानी है।  इसे क्यों पहना रहे हो ? ”

 

 

 

इस पर मंत्री ने उसे डांट दिय्या और सिंड्रेला को जूती पहनाने को कहा।  सिंड्रेला को जूती पूरी तरह से हो गयी।  सभी लोग बेहद हैरान थे।  मंत्री ने उसे ससम्मान राजमहल  ले आये।

 

 

 

वहाँ उसकी राजकुमार से शादी हो गयी।  दोनों ख़ुशी से रहने लगे।  मित्रों यह Cinderella Story in Hindi Written in Short आपको कैसी लगी जरूर बताएं और इस तरह की दूसरी कहानियां पढ़ने के लिए इस ब्लॉग को सब्स्क्राइब जरूर करें और दूसरी Hindi Kahani  नीचे पढ़ें।

 

 

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