शोले के ठाकुर से फेमस हुए संजीव कुमार के शानदार डायलॉग

शोले के ठाकुर से फेमस हुए संजीव कुमार के शानदार डायलॉग
शोले के ठाकुर से फेमस हुए संजीव कुमार के शानदार डायलॉग

फिल्म शोले के ठाकुर को आखिरकार कौन भूल सकता हैं या फिल्म खिलौना में बड़े भाई के रूप में उनके रोल को आज भी लोग बिल्कुल नहीं भूले हैं। ये संजीव कुमार ही हो सकते है जिन्होंने अपने आपको हर तरह के रोल किए फिर वो चाहे मांस हो, ड्रामा हो या कॉमेडी हो, कुमार अपने आप को किरदार में ढालना बखूबी जानते थे।उन्होंने हिंदी सिनेमा को अर्जुन पंडित, शोले, आंधी, त्रिशूल, दस्तक जैसी और भी कई फिल्मों के रूप में नायाब तोहफे दिए।

आज भी लोग उनके डायलॉग के दीवाने है, इसलिए आज उनकी पुण्यतिथि पर हम आपके लिए लाए हैं उनके शानदार डायलॉग

1. सांप को हाथ से नहीं, पैरों से कुचला जाता हैं।

2. ठाकुर न झुक सकता है ना टूट सकता है, ठाकुर सिर्फ मर सकता है।

3. वो बदमाश हैं लेकिन बहादुर हैं, खतरनाक हैं इसलिए लड़ना जानते है, बुरे हैं मगर इंसान हैं।

4. जब-जब अधर्म का सर उठता है, तब-तब धर्म देवता का पांव से उसे कुचल देता है, जब-जब रावण पैदा होता है, राम को जन्म लेना ही पड़ता है, जब भी कौरव अत्याचार करेंगे, पांडव उन्हें नष्ट कर देंगे, यही युद्ध धर्म है, यही जीवन कर्म है।

5. बैठो तो महबूबा की सर-आंखो पर पर बैठो, लेटो तो महबूबा के आगोश में लेटो, वरना कुछ नहीं, खड़े रहो।

6. मियां बीवी के रोमांस को सेंसर बोर्ड भी नहीं काट सकता।

7. तुम्हारे मुंह से जितने झूट निकलेंगे, मैं उतनी गोलियां तुम्हारे सीने में डाल दूंगा।

8. तुम मुझे नौकर होने से क्या रिटायर करोगे, मैं खुद तुम्हें मालिक होने से रिटायर करता हूं।

9. शादी वो पवित्र बंधन हैं जो बाकी सारे बंधनों को कमजोर कर देता है।

10. गब्बर से कह देना कि रामगढ़वालों ने पागल कुत्तों के सामने रोटी डालना बंद कर दिया है ।

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