आज के दिन पढ़े ये विचार जो जगा देंगे देशभक्ति आपके अंदर
आज के दिन पढ़े ये विचार जो जगा देंगे देशभक्ति आपके अंदर

जब कभी भी हम 15 अगस्त का नाम सुनते है तो हमारे अन्दर देशभक्ति की लहर दौड़ जाती है और हमारा सीना गर्व से ऊँचा हो जाता है. यह होना स्वाभाविक है क्योंकि 15 अगस्त के दिन ही सन 1947 को हमारा देश अंग्रेजो की गुलामी से आजाद हुआ था.

वास्तविक स्वतन्त्रता क्या होती है यह वही जान सकता है जिसने गुलामी सही हो. अपनी ज़िन्दगी का हर पल जो गुलाम बनकर जी रहा हो. अंग्रेज 15 अगस्त 1947 को अपनी हार मानकर देश छोड़कर चले गये और तब हमारे देश को वास्तविक स्वतंत्रता मिली.

1: हिंसक तरीकों से हमेशा हिंसक आजादी ही प्राप्त होगी यह भारत और दुनिया के लिए खतरनाक होगी.
महात्मा गांधी

2: किसी भी कीमत पर स्वतंत्रता का मोल नहीं हो सकता. वह जीवन है भला जीवित रहने के लिए क्या कोई मोल नहीं चुकाएगा.
महात्मा गांधी

3: जिस स्वतंत्रता में गलती कर पाने का अधिकार शामिल नहीं हो उस स्वतंत्रता का कोई मूल्य नहीं है.
महात्मा गाँधी

4: देश को असली स्वतंत्रता आज़ादी के 64 साल बाद भी नहीं मिली और केवल एक बदलाव आया गोरों की जगह काले आ गए.
अन्ना हजारे

5: देश की आजादी के लिए लाखों लोगों ने अपना जीवन बलिदान कर दिया लेकिन कुछ स्वार्थी लोगों के कारण हमें असली स्वतंत्रता नहीं मिली.
अन्ना हजारे

6: ज़िन्दगी तो अपने दम पर जी जाती है. दूसरो के कन्धों पर तो सिर्फ जनाजे उठाये जाते हैं.
भगत सिंह

7: मैं एक मानव हूँ और जो कुछ भी मानवता को प्रभावित करता है उससे मुझे मतलब है.
भगत सिंह

8: आलोचना और स्वतंत्र विचार ये क्रांतिकारी सोच के अहम बिंदु है.
भगत सिंह

9: हमारे व्यक्तियो को कुचल कर वे विचारों को नहीं मार सकते.
भगत सिंह

10: अक्सर लोग चीजें जैसी हैं उसके आदी हो जाते हैं और बदलाव के विचार से ही कांपने लगते हैं. हमें इस सोच को बदलना होगा.
भगत सिंह

11: राख का हर एक कण मेरी गर्मी से चल रहा है और मैं एक ऐसा पागल हूँ जो जेल में भी आज़ाद है.
भगत सिंह

12: जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता हांसिल नहीं कर लेते, क़ानून आपको जो भी स्वतंत्रता देता है वह आपके किसी काम की नहीं.
भगत सिंह

13: हमारे अन्दर आज सिर्फ एक ही इच्छा होनी चाहिए वह है मरने की इच्छा. ताकि हमारा देश जी सके.
सुभाष चन्द्र बोस

14: हमें मानवता को उन नैतिक जड़ों तक वापस ले जाना चाहिए जहाँ से अनुशाशन और स्वतंत्रता दोनों का जन्म होता है.
सर्वपल्ली राधाकृष्णन

15: जब हम कुछ नया करने का अधिकार खो देते हैं तब हम स्वतंत्र होने का अपना विशेषाधिकार भी खो देते हैं.
चार्ल्स एवंस

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