आज कल वेब-सीरीज़ का बोल-बाला है, क्योंकि कंटेंट के लिहाज से दर्शक इस से खासे खुश हैं। आज हम जिस वेब-सीरीज़ की बात करने वाले हैं, वो है ऑल्ट बालाजी की नई पेशकश ‘अपहरण’। 12 एपिसोड वाली इस सीरीज़ को 14 दिसंबर को लॉन्च किया गया है। इसमें थ्रिल-सस्पेंस के साथ डार्क कॉमेडी भी है।
इस वेब-सीरीज़ को हम मस्ट वॉच कैटेगरी में रखेंगे और देसी भाषा में कहें, तो यह ‘धांसू’ वेब-सीरीज़ है। रूद्र श्रीवास्तव, सीनियर इंस्पेक्टर, उत्तराखंड पुलिस, इस सीरीज़ का नायक भी है और सूत्रधार भी. वो अपनी कहानी फ़्लैशबैक से शुरू करता है, और कहानी का नाम रखता है ‘घंटे की ईमानदारी’. क्यूंकि अपनी ईमानदारी के चलते उसे भ्रष्टाचार के इल्ज़ाम में जेल जाना पड़ता है. ये तो उसकी ‘ईमानदारी की पहली EMI’ भर होती है. क्यूंकि बेशक वो अच्छे चाल-चलन के चलते ज़ल्दी यानी 3 साल में छूट तो जाता है लेकिन ये समय भी बहुत लंबा समय होता है क्यूंकि तब तक सारी चीज़ें बदल चुकती हैं. उन्हीं बदल चुकी चीज़ों को सुधारने के लिए उसे खुद एक अपहरण के बहुत आसान से दिखने वाले प्लॉट का हिस्सा बनना पड़ता 

  1. हम ज़िंदगी में चुनौतियों से नहीं चू**यों से परेशान हैं।

  2. ‘किडनैप हुई हो, गोद नहीं ली गई हो, थोड़ा दर्द रखो अपनी आवाज़ में।

  3. ‘भगवान जब देता है, तो छप्पर फाड़ कर देता है और लेता है, तो क्या-क्या फाड़ देता है।

  4. whos your daddy ? 

  5. अनु खुद आपके गोद में बैठ के कहेगी चलो अंकल ले चलो 

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