ओशो के शानदार विचार

ओशो के शानदार विचार
ओशो के शानदार विचार

20वीं सदी के महान विचारक तथा आध्यात्मिक गुरु ओशो रजनीश ने वर्तमान में सभी प्रचलित धर्मों के पाखंड को उजागर कर दुनियाभर के लोगों से दुश्मनी मोल ले ली थी। दुनिया को एकदम नए विचारों से हिला देने वाले, बौद्धिक जगत में तहलका मचा देने वाले भारतीय गुरु ओशो से पश्चिम की जनता इस कदर प्रभावित हुई कि भय से अमेरिका की रोनाल्ड रीगन सरकार ने उन्हें गिरफ्तार करवाकर जेल में डाल दिया था और बाद में अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र के तहत उनको जहर देकर छोड़ दिया गया। ओशो के शानदार विचार 

1. मैं एक ही अनुशासन देता हूं कि तुम सदा सचेत रहना और अपने जैसे होने में लगे रहना। हीनता से बचना। यह एक दफा पैदा हो गई तो तुम किसी का अनुसरण करोगे। कोई आदर्श, कोई प्रतिमा, किसी के पीछे चलने लगोगे।

2. तुम्हारी निर्भर होने की इच्छा के कारण ही तुम सब तरह के संप्रदायों और पंथों के गुलाम हो गए।

3. मैंने चाँदी और सोना और राजाओं और प्रान्तों के बहुमूल्य पदार्थों का भी संग्रह किया; मैंने अपने लिये गायकों और गायिकाओं को रखा, और बहुत सी कामिनियाँ भी –जिनसे मनुष्य सुख पाते हैं, अपनी कर लीं। इस प्रकार मैं अपने से पहले के सब यरूशलेमवासियों से अधिक महान और धनाढ्य हो गया… और जितनी वस्तुओं के देखने की मैंने लालसा की, उन सभों को देखने से मैं न रूका; मैंने अपना मन किसी प्रकार का आनन्द भोगने से न रोका क्योंकि मेरा मन मेरे सब परिश्रम के कारण आनन्दित हुआ; और मेरे सब परिश्रम से मुझे यही

4. जीवन आंख मूंदकर खुद को दोहराता है – जब तक आप इसके प्रति जागरूक नहीं हो जाते हैं, यह एक चक्र की तरह दोहराता रहेगा.

5. अच्छा – बुरा, कड़वा – मीठा, अँधेरा – प्रकाश, गर्मी – सर्दी – सभी संभव तरीके से जीवन का अनुभव होता है. सभी द्वंद्वों का अनुभव होता है. अनुभव से डरो मत, क्योंकि आपको अधिक अनुभव होने से आपकी परिपक्वता ब

6. किसी के साथ, किसी भी प्रतियोगिता की कोई जरूरत नहीं है. आप अपने आप से हैं, और आप जैसे हैं, आप पूर्ण रूप से अच्छे हैं. अपने आप को स्वीकार करो.

7. मैं स्वयं को भगवान कहता रहा हूं सिर्फ एक चुनौती की तरह। मैंने इसे नया अर्थ देने की कोशिश की। मैंने कहा कि भगवान का अर्थ है – भाग्यवान, जिसके प्राण धन्य हुए।

8. कुछ बनने का विचार छोड़ दें, क्योंकि आप पहले से ही एक अत्युत्तम कृति हैं. आप में सुधार नहीं किया जा सकता है. आपको केवल अपनी कृति पर आना होगा, इसे जानना होगा, इसे साकार करना होगा.

9. प्यार में पड़ने से आप एक बच्चे की तरह रहेंगे; प्यार में बढ़ोतरी से आप परिपक्व होते हैं. प्यार से तुरंत कोई रिश्ता नहीं बन जाता है, इससे आपकी हस्ती बनती है. फिर आप प्यार में नहीं हैं बल्कि – अब आप खुद ही प्यार हैं.

10. प्रत्येक व्यक्ति एक विशिष्ट भाग्य के साथ इस दुनिया में आता है – उसके पास जो कुछ है उसे परिपूर्ण करना पड़ता है, कुछ सन्देश दुनिया को देना होता है – कुछ कार्य जिन्हें पूरा करना पड़ता है. आप यहाँ संयोगवश नहीं हो – आपकी यहाँ सार्थकता है. आप के पीछे एक उद्देश्य है. सृष्टि आपके माध्यम से कुछ कराना चाहती है.

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