सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के खिलाफ यौन शोषण से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान बुधवार को कोर्टरूम में तनाव का माहौल बन गया. सुनवाई कर रहे जज आरएफ नरीमन इतना भड़क गए कि वकील उत्सव बैंस को कोर्ट रूम से बाहर फिंकवा देने की चेतावनी दे डाली.

CJI पर आरोप लगाने वाली महिला ने पैनल को लिखी चिट्ठी, कहा- जांच से पहले मेरा चरित्र हनन किया गया

क्या था मामला?

बता दें कि उत्सव बैंस वही वकील हैं जिन्होंने दावा किया है कि कुछ लोग मिलकर सीजेआई के खिलाफ साजिश कर रहे हैं. बैंस ने न्यायालय में एक हलफनामामें  दाखिल किया था. हलफनामे में उन्होंने दावा किया कि गोगोई पर इलज़ाम लगाने वाली पूर्व महिला कर्मचारी का प्रतिनिधित्व करने और प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ प्रेस क्लब आफ इंडिया में प्रेस कांफ्रेस के लिये डेढ़ करोड़ रूपये देने की पेशकश की गयी थी. इसके बाद मंगलवार को न्यायालय ने बैंस को नोटिस जारी कर अपने दावे के समर्थन में सीलबंद लिफाफे में सामग्री पेश करने का निर्देश दिया था. वकील ने दिए CJI के खिलाफ ‘साजिश’ के सबूत, पुलिस, CBI और IB चीफ को SC का समन

बुधवार को उत्सव इन्हीं सबूतों के साथ कोर्ट पहुंचे थे. केस पर बहस के दौरान उत्सव की तरफ से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल पर कुछ आरोप लगाए गए. उत्सव की इन दलीलों पर जस्टिस नरीमन भड़क गए और कहा- अगर आप अटॉर्नी जनरल की इज्ज़त नहीं करेंगे तो बिना शक हम आपको कोर्ट रूम से बाहर फिकवा देंगे. इस पर उत्सव ने कहा कि इसकी ज़रुरत नहीं पड़ेगी वो खुद ही चले जाएंगे. कोर्ट ने बैंस से कहा कि आपको सिर्फ गोगोई वाले मामले में सबूत देने के लिए बुलाया गया है, जिससे आपके दावे की जांच की जा सके.

क्या कहा कोर्ट ने? सुप्रीम कोर्ट ने कल सुनवाई के दौरान कहा कि हम जांच करेंगे और फिक्सरों के सक्रिय होने और न्यायपालिका के साथ हेराफेरी करने के कथित दावों की तह तक जाएंगे. अगर वे अपना काम करते रहे तो हममें से कोई भी नहीं बचेगा. इस व्यवस्था में फिक्सिंग की कोई भूमिका नहीं है. हम इसकी जांच करेंगे और इसे अंतिम निष्कर्ष तक ले जाएंगे.
ये तीन जज करेंगे CJI गोगोई पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच

इसके साथ ही पीठ ने स्पष्ट किया कि उत्सव बैंस के व्यापक साजिश के दावे पर सुनवाई और प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की आंतरिक जांच के आदेश के बीच कोई संबंध नहीं है. इससे पहले, दिन में शीर्ष अदालत ने प्रधान न्यायाधीश को फंसाने की बड़ी साजिश होने के बैंस के दावों पर सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो तथा गुप्तचर ब्यूरो के निदेशकों और दिल्ली के पुलिस आयुक्त को अपराह्न साढ़े बारह बजे पेश होने तथा न्यायाधीशों के चैंबर में मुलाकात करने का निर्देश दिया.

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