आईपीएल में क्रिकेट मैचों के दौरान मैदान पर खेल रहे खिलाड़ियों से ज्यादा प्रशंसकों का ध्यान सीमा रेखा के बाहर चौके और छक्कों पर डांस करने वाली चीयरलीडर्स पर होता है। गौरतलब है कि आईपीएल के सीजन में चीयरलीडर्स हमेशा चर्चा का विषय बनी रहती हैं। इसीलिए आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से यह बताने जा रहे हैं कि आखिर यह चीयरलीडर्स कहां से आती हैं और इनकी सैलरी कितनी होती है।

आपको बता दें कि आईपीएल साल 2018 में 8 में से 6 टीमों की चीयरलीडर विदेशी मूल की थी। जबकि चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल की चीयरलीडर्स भारतीय मूल की थी। गौरतलब है कि आईपीएल में ज्यादातर चीयरलीडर्स यूरोपीय देशों से होती हैं तथा यह सभी विदेशी चीयर लीडर्स 1 महीने में तकरीबन डेढ़ से दो लाख तक की कमाई करती हैं। इतना ही नहीं प्रत्येक अलग देश की चीयरलीडर्स के लिए सैलरी अलग-अलग होती है क्योंकि यह उनके देश की करेंसी की मजबूती पर निर्भर करता है।

बताते चलें कि चीयरलीडर्स की नौकरी देखने में जितनी आसान होती है, वास्तविकता में यह बेहद कठिन होती है। दरअसल चीयरलीडिंग का काम करना एक स्पोर्ट की भाति ही होता है। क्योंकि इस काम के दौरान आपको अपने शरीर को बेहद लचीला रखना पड़ता है। इतना ही नहीं शरीर का वजन तनिक भी बढ़ने पर आपको बेंच पर बिठा दिया जाता है। यही वजह है कि इन चीयर लीडर्स को अच्छे डांस के साथ साथ अपने शरीर को भी संरचनात्मक रूप से काफी कड़ी मेहनत करके संभालना पड़ता है, जो कि वाकई में कठिन कार्य माना जाता है।

हालांकि तमाम चीयरलीडर्स का कहना है कि भारत में जाकर उन्हें बेहद अच्छा महसूस होता है। क्योंकि वहां के खिलाड़ियों और प्रशंसक से उन्हें बेहद सम्मान मिलता है। साथ ही जब कोई प्रशंसक उनसे ऑटोग्राफ लेने आता है तो उन्हें किसी सेलिब्रिटी जैसा महसूस होता है। जो कि एक बेहद अच्छा पल होता है।

Comments

comments