आज कल युवा सबसे ज्यादा फिल्मों से प्रेरित होता है और फिल्मों में बोले जाने वाला हर डायलॉग का असर उनके ऊपर पड़ता है और वो उनको बड़े ध्यान से देखते सुनते है और फिर उनको अपने जीवन में लागू  करने की कोशिश करते है. इसलिए फिल्मों में ऐसे डायलॉग डाले जाते है जिसका असर लोगों पर हो और लोग फिल्म को ज्यादा से ज्यादा देखने जाएँ.. क्योकि फिल्म सिर्फ फिल्म नहीं होती .

ड्रामा, एक्‍शन से लबरेज तीन घंटे की फिल्‍म महज इंटरटेनमेंट  होती है. कई बार ये हमें नई सोच देते हुए कहती है ‘ जिंदगी जिंदादिली का नाम है, मुर्दा दिल क्या खाक जिया करते  हैं.’ 

ऐसे ही कई मोटिवेशनल डायलॉग हमारी हिंदी फिल्‍मों में अक्सर  सुनने को मिल जाते हैं. हॉल में जहां इन पर तालियां बजती हैं वहीं इनके जरिए आपका भी आत्मविश्वास बढ़ता है.

1. ‘चूल्‍हे से रोटी निकालने के लिए चिमटे का मुंह जलाना पड़ता है.’ – लगान

2. ‘जब जिंदगी एक बार मिली है तो दो बार क्‍यों सोचे’- डर्टी पिक्‍चर

3. ‘Sometimes, even the wrong train takes us to the right station.’ – लंच बॉक्‍स

4. ‘इंसान को डिब्‍बे में सिर्फ तब होना चाहिए, जब वो मर चुका हो.’ – जिंदगी न मिलेगी दोबारा

5. ‘लाइफ में कितना भी ट्राई करो, कुछ न कुछ तो छूटेगा ही. तो जहां हो वहीं का मजा लेते हैं.’ – ये जवानी है दीवानी

6. ‘रास्‍ते की परवाह करोगे तो जिंदगी बुरा मान जाएगी.’- वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई

7. ‘कश्‍ती लहरों से टकराएगी तो ही किनारे नसीब होंगे.’- वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई

8. ‘रिस्‍क तो स्‍पाइडरमैन को भी लेना पड़ता है, मैं तो फिर भी सेल्‍समैन हूं.’ – रॉकेट सिंह

9. ‘I don’t believe in destiny , I believe in me.’ – लक बाई चांस

10. ‘अब भी जो खून न खौले, खून नहीं वो पानी है, जो देश के काम न आए, वो बेकार जवानी है.’ – रंग दे बसंती

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