आज हम आप लोगो को एक ऐसी हवेली के इतिहास के बारे मे बताने जा रहे है, जिसको पड़ने के बाद आपके पैरो तले ज़मीन खिसक जाएगी आप सभी को राजा मर्दन सिंह के बारे मे तो जानते ही होंगे, अगर नही जानते हैं, तो हम आप लोगो को बता दें कि राजा मर्दन सिंह ने रानी लक्ष्मीबाई का 1857 की क्रांति में साथ दिया था, बता दें कि सभी राजा मर्दन सिंह का नाम बड़े सम्मान से लिया जाता है, बता दें कि राजा मर्दन सिंह के नाम से एक ऐसी बात जुड़ी है, जो उनके नाम को कंलकित करती है।

आप सभी को बता दें कि राजा मर्दन सिंह बानपुर के राजा बने, बता दें कि तालबेहट गांव में ज्यादा आने के कारण उन्होंने अपने लिए एक वही किला बनवा दिया, रिपोर्ट के मुताबिक आप सभी को बता दें कि तालबेहट गांव में अक्षय तृतीया के मौके पर नेग मांगने की रस्म को निभाने के लिए तालबेहट राज्य की सात लड़कियां राजा मर्दन सिंह के इस किले में नेग मांगने पहुंची।

आप सभी को बता दें कि उस महल मे राजा मर्दन सिंह के पिता प्रहलाद रहते थे, जब लड़किया महल के अंदर गई तो राजा मर्दन सिंह के पिता ने उन खूबसूरत लड़कियों को देखकर अपने साथ संबंध बनाने के लिए कहा, लड़कियों ने इनकार करा तो राजा मर्दन सिंह के पिता ने उन सभी लड़कियों के साथ जबर बलात्कार कर डाला, जिस कारण सभी लड़कियों ने उस महल से कूद कर आत्महत्या कर ली।

राजा मर्दन सिंह ने प्रअपनी जा के गुससे और अपने पिता के पाप के प्राश्चित के लिए उस किले मे मुख्य दरवाजे पर उन लड़कियों के चित्र बनाव दिए, कहा जाता है, कि आज भी जबरदस्ती संबंध बनाने की वो चीखें आज भी इस हवेली मे सुनाई देती है।

Comments

comments