आप सभी को बता दें कि चैत्र नवरात्रि इस बार 6 अप्रैल से शुरू हुई  हैं जो 14 अप्रैल तक चलने वाली है. ऐसे में अप्रैल में ही राम नवमी भी मनाई जाने वाली है और इस बार राम नवमी 14 अप्रैल जो है और इसका अभिजित मुहूर्त 11:56 से 12:47 तक रहने वाला है. कहा जाता है भगवान विष्णु ने सभी युग में अधर्म का नाश करके धर्म की स्थापना की है और इन्हीं अवतारों में से एक अवतार उन्होंने भगवान श्रीराम के रूप में लिया था.
आप सभी को बता दें कि जिस दिन भगवान राम ने राजा दशरथ के घर व माता कौशल्या की कोख में जन्म लिया था, वह दिन चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी का दिन था और उसी के बाद से इस तिथि को रामनवमी कहा जाता है. तो आइए जानते हैं क्यों और कैसे हुआ भगवान श्रीराम का जन्म और कैसे मनाते हैं रामनवमी..?
राम नवमी पूजा विधि – कहा जाता है चैत्र नवरात्र में देवी मां की आराधना करने से सभी मनोकामना पूरी होती है और इस समय भगवान राम की पूजा भी करनी चाहिए. चैत्र नवरात्र में पहले दिन मां की पूजा का संकल्प लें और फिर घट की स्थापना करें. ध्यान रखे कि नवरात्रि घट स्थापना सही मुहूर्त में ही करना चाहिए. अब घट स्थापना के बाद देवी को 16 श्रृंगार अर्पित करें और उसके माता को पांच मेवा का भोग लगाएं और माता को भोग लगाने के बाद फल से आप अपना व्रत खोल सकती हैं. इस दौरान कुछ ऐसा ना खाए जिससे आपका व्रत टूट जाता है।

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