सौरव गांगुली ने आईपीएल के दौरान अपनी भूमिका के चलते हितों के टकराव के आरोपों को खारिज किया है. उन पर आरोप है कि वे बंगाल क्रिकेट बोर्ड के अध्‍यक्ष भी हैं और साथ ही आईपीएल टीम दिल्‍ली कैपिटल्‍स के सलाहकार पद पर भी हैं. ऐसे में वे दो पदों पर रहते हुए बीसीसीआई के एक व्यक्ति एक पद नियम को तोड़ रहे हैं. इस पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्‍त रिटायर्ड जस्टिस डीके जैन ने उनसे जवाब मांगा था.

गांगुली ने अपने जवाब में कहा कि वह दिल्‍ली कैपिटल्‍स के साथ सलाहकार पद पर बिना वेतन के काम करते हैं.उन्‍हें इस पद से कोई पैसा नहीं मिलता है. उन्‍होंने कहा कि वे क्रिकेट से जुड़े संगठनों में अलग-अलग कई पदों पर हैं लेकिन इनसे उन्‍हें कोई कमाई नहीं होती. ऐसे में हितों के टकराव का कोई मामला नहीं बनता है. वे शनिवार को रिटायर्ड जस्टिस जैन से मिले थे. बता दें कि गांगुली आईपीएल 2019 में दिल्‍ली कैपिटल्‍स के खिलाड़ियों के साथ नजर आए हैं.

सौरव गांगुली ने आगे बताया कि उन्‍हें दिल्‍ली कैपिटल्‍स के सलाहकार पद पर बने रहने दिया जाए. उनके जवाब के बाद भी रिटायर्ड जस्टिस जैन और बीसीसीआई मामले को हल्‍के में नहीं लेना चाहते. ऐसे में जांच की जा रही है कि बिना पैसे के भी मामला हितों के टकराव का तो नहीं बनता है. वर्तमान हालात में लगता है कि गांगुली सुरक्षित हैं और वह अपने पदों पर बने रहेंगे. स्टेडियम में दर्शक को मैच ना देखने देने और धमकाने पर फंसी यह एक्ट्रेस, केस दर्ज

इससे पहले इसी तरह के आरोप राहुल द्रविड़ पर भी लगे थे. द्रविड़ इंडिया ए और अंडर-19 टीम के कोच रहने के साथ ही दिल्‍ली कैपिटल्‍स टीम के कोच भी थे. हालांकि बाद में उन्‍हें दिल्‍ली कैपिटल्‍स से अलग होना पड़ा था.

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