इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में रविवार को हुए दो आखिरी मैचों के बाद न केवल इस बात का फैसला हो सका कि प्लेऑफ में कौन सी टीमें खेलेंगी, बल्कि यह भी कि किससे किसका मुकाबला होगा. चेन्नई और पंजाब के बीच हुए पहले मैच में पंजाब के प्लेऑफ में पहुंचने का और चेन्नई के प्वाइंट टेबल में शीर्ष पर बने रहने की संभावनाओं पर फैसला होना था. वहीं दूसरे मैच से यह तय होना था कि कोलकाता प्लेऑफ में जा सकेगी या नहीं और मुंबई प्वाइंट टेबल में टॉप टू में पहुंच सकेगी या नहीं.

पहले मैच में चेन्नई हार तो गई, लेकिन पंजाब को उतनी तगड़ी जीत नहीं मिली जिससे वह अपना नेटरनरेट में बहुत ज्यादा सुधार कर पाती.

इसका नतीजा यह हुआ कि उसके 14 मैचों में 12 अंकों के साथ -0.251 नेट रनरेट हो गया और वह हैदराबाद से, जिसके भी 12 अंक थे नेट रनरेट में पिछड़ गई. हैदराबाद का नेट रनरेट +0.577 था. इस तरह पंजाब प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई प्वाइंट टेबल में वह छठे स्थान पर रही.

चेन्नई की हार ने मुंबई को टॉप पर आने की संभावना दे दी. इस नतीजे ने मुंबई को एक मौका दे दिया कि वह टॉप पर पहुंच सके. चेन्नई की टीम 18 अंकों से टॉप पर थी लेकिन पंजाब से मिली हार ने उसके इतने ही अंक रखे और चेन्नई का नेट रनरेट +0.131 हो गया. इससे चेन्नई को फायदा ही पहुंचा, चेन्नई का नेट रनरेट दिल्ली से कम ज्यादा ही रहा जिसका नेट रनरेट +0.044 था. इस तरह से चेन्नई ने यह सुनिश्चित कर लिया कि अगर मुंबई अगला मैच बड़े अंतर से जीत कर टॉप पर पहुंच भी जाए तो वह दूसरे स्थान पर रह सकेगी. आखिर में यही हुआ और चेन्नई ने क्वालिफायर वन के लिए जगह बना ली.

दूसरे मैच में कोलकाता की मुंबई के हाथों करारी हार से उसके प्वाइंट टेबल में 12 अंक ही रह गए जबकि नेट रनरेट +0.028 पर आ गया जो कि हैदराबाद के नेट रनरेट +0.577 से काफी कम रहा. इस तरह प्लेऑफ में चौथे स्थान के लिए 12 अंकों की तीन टीमों हैदराबाद, कोलकाता और पंजाब में से बाजी हैदराबाद के नाम रही. काफी पहले से यह तय ही सा था कि अगर प्लेऑफ के तीसरे और चौथे स्थान के लिए नेट रनरेट के लिहाज से मुकाबले की नौबत आई तो हैदराबाद ही बाजी जीतेगी क्योंकि उसका नेट रनरेट काफी मैचों से सबसे अच्छा था, लेकिन मुंबई दिल्ली और चेन्नई ने ज्यादा संख्याओं में मैच जीतकर शीर्ष तीन स्थानों पर कब्जा कर लिया.

मुंबई की जीत से मुंबई, दिल्ली और चेन्नई तीनों के ही 14 मैचों में 18 अंक हो गए. इसके बाद इनके बीच का फैसला नेट रनरेट से होना था. यहां मुंबई का नेटरेट +0.421 हो गया था. मुंबई ने अपने आखिरी कुछ मैचों में (कोलकाता में हुए मुकाबले को छोड़कर) बड़ी जीतें हासिल कर अपने नेट रनरेट में शानदार सुधार किया. वहीं लंबे समय से टॉप पर रही चेन्नई ने नेट रनरेट (+0.131) के बजाए अंकों पर ज्यादा ध्यान दिया . दिल्ली को कम नेट रनरेट (+0.044) का खामियाजा भुगतना पड़ा और वह तीसरे स्थान पर आ गई. इस तरह से क्वालिफायर वन के लिए अब टॉप पर रही मुंबई और दूसरे नंबर पर रही चेन्नई के बीच मुकाबला होगा.

इस पूरे गणित में कोलकाता और पंजाब के अलावा कुछ नुकसान दिल्ली का भी हुआ. अब दिल्ली क्वालिफायर वन मैच नहीं खेल सकेगी. इस मैच को खेलने वाली टीम को हारने पर भी फाइनल में जाने का एक मौका और मिलता है. अभी दिल्ली और हैदराबाद के बीच एलिमिनेटर मुकाबला होगा. हारने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी और जीतने वाली टीम को क्वालिफायर वन मुकाबले में हारने वाली टीम को हराने पर ही फाइनल में जगह मिलेगी. यह मुंबई और चेन्नई में से एक होगी. लेकिन यह दिल्ली को मौका नहीं मिल सकेगा क्योंकि वह तीसरे स्थान पर रही.

क्वालीफायर वन मैच चेन्नई में होगा और एलिमिनेटर मैच विशाखापत्तनम में होगा. इसके बाद क्वालिफायर टू मैच भी विशाखापत्तनम में ही होगा, लेकिन फाइनल मैच हैदराबाद में होगा. वैसे तो फाइनल मैच चेन्नई मैच में होना था, लेकिन अब यह मैच हैदराबाद शिफ्ट कर दिया गया है.

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