सच जानिए केस में कब क्या हुआ: राम मंदिर पर सुप्रीम फैसला

आखिर क्या होगा राम मंदिर पर सुप्रीम फैसला,जानिए केस में कब क्या हुआ
आखिर क्या होगा राम मंदिर पर सुप्रीम फैसला,जानिए केस में कब क्या हुआ

राम जन्मभूमि – बाबरी मस्जिद केस पर आज फैसला आना है। लगभग 135 साल पुराने इस केस पर सबकी नजरे है। आइए नजर डालते है कि इस केस में आखिर कब क्या हुआ। मंदिर पर सुप्रीम फैसला मंदिर पर सुप्रीम फैसला

1528: राम जन्मभूमि पर बाबरी मस्जिद बनाई गई। मुगल सम्राट बाबर ने यह मस्जिद बनवाई थी। इसलिए इसको बाबरी मस्जिद कहा गया।

1853: हिन्दू पक्ष ने आरोप लगाया कि राम मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण हुआ। इसी साल पहली हिंसा हुई।

23 दिसंबर 1949: भगवान राम की मूर्ति मिली पर मुस्लिम पक्ष ने आरोप लगाया कि हिन्दू पक्ष ने मूर्ति रखी। हिंदुओं ने पूजा शुरू की। तथा इस पर ताला लगा दिया गया।

1984: विश्व हिन्दू परिषद ने विवादित स्थल का ताला खोलने और मंदिर निर्माण के लिए आंदोलन शुरू किया और एक कमेटी का गठन किया।

01 फरवरी 1986: फैजाबाद के जिला जज ने विवादित स्थल पर हिन्दू पक्ष को पूजा की इजाजत दी तथा मंदिर का ताला खोल दिया गया। मुस्लिम पक्ष ने नाराज होकर बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी का गठन किया।

09 नवंबर 1989: प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सरकार ने विवादित स्थल के नजदीक शिलान्यास की इजाजत दी।

30 अक्टूबर 1990: विश्व हिन्दू परिषद के आहवाहन पर कारसेवक अयोध्या पहुंचे और जहां पर बाबरी मस्जिद है उसके गुबन्द पर भगवा झण्डा फहराया। सुरक्षा बगिराया  की फायरिंग में कई कारसेवक हताहत हुए।

02 नवंबर 1990: विवादित राम जन्मभूमि की ओर जाते हुए कारसेवकों पर पुलिस ने फिर से गोलीबारी की।

06 दिसंबर 1992: कार सेवकों ने अयोध्या पहुँच कर बाबरी मस्जिद के ढांचा को गिरा दिया। अस्थायी राम मंदिर का निर्माण किया गया।प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव ने मस्जिद के पुनर्निर्माण का वादा किया।

जुलाई 2005: आतंकवादियों ने विवादित राम मंदिर स्थल की ओर विस्फोटक से भरी जीप से हमला किया। सुरक्षा बलों ने सभी आतंकवादियों को मार गिराया।

21 मार्च 2017: सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता की पेशकश की। चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कहा कि अगर दोनों पक्ष राजी हों तो वह कोर्ट के बाहर मध्यस्थता करने को तैयार है।

27 सितंबर 2018: सुप्रीम कोर्ट ने नमाज़ के लिए फैसले को पुनर्विचार के लिए संविधान पीठ के हवाले करने से इन्कार कर पूर्व फैसले को बहाल रखा।

29 अक्टूबर 2018: सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई जनवरी 2019 तक टली।

जनवरी 2019: राम जन्मभूमि – बाबरी मस्जिद केस में सुप्रीम कोर्ट ने पांच जजों की संवैधानिक पीठ का गठन किया गया।

8 मार्च 2019: सुप्रीम कोर्ट ने अपनी निगरानी में मध्यस्थता कमेटी का गठन। कमेटी में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एफएम कलीफुल्ला, आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर एवं अधिवक्ता श्रीराम पंचू शामिल किये गये।

02 अगस्त 2019: मध्यस्थता कमेटी ने रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में जमा की। सुप्रीमकोर्ट ने मध्यस्थता रिपोर्ट पर सुनवाई करने के बाद कहा, मध्यस्थता से नहीं सुलझाया जा सकता मसला।

06 अगस्त 2019: राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद केस पर सुप्रीम कोर्ट में मंदिर-मस्जिद विवाद की नियमित सुनवाई शुरू हुई।

16 अक्टूबर 2019: सुप्रीम कोर्ट ने 40 दिन में पूरी की मामले की सुनवाई।

 

Today(09/11/2019), 12:09 pm  राम मंदिर वहीं बनेगा, कोर्ट का फैसला, वक्फबोर्ड को अलग जमीन देने का आदेश

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