आखिर क्यों मनाई जाती है छोटी दिवाली यानि नरक चतुर्दशी जाने यहाँ

आखिर क्यों मनाई जाती है छोटी दिवाली यानि नरक चतुर्दशी जाने यहाँ
आखिर क्यों मनाई जाती है छोटी दिवाली यानि नरक चतुर्दशी जाने यहाँ

आज छोटी दिवाली यानि नरक चतुर्दशी है , यह दिवाली से एक दिन पहले मनाई जाती है। छोटी दिवाली मे सबसे खास बात यह होती है कि इसमें रात में घर के सबसे बड़े सदस्य के द्वारा एक दीपक जलाकर पूरे घर में घुमाया जाता है और उस दीपक को घर से बाहर कहीं दूर रख दिया जाता है, साथ ही इस दिन घरों में यमराज की पूजा का भी प्रावधान है।

क्या आपको पता है कि आखिर दिवाली से पहले छोटी दिवाली क्यों मनाई जाती हैं तो आइए जानते है आखिर क्यों मनाई जाती है छोटी दिवाली……

बहुत समय पहले रति नाम का राजा हुआ करते थे। उन्होंने अपने जीवन में कभी कोई पाप नहीं किया था, लेकिन एक दिन उनके सामने यमदूत आकार खड़े हो गए।  यमदूत को सामने देख राजा अचंभित हुए और बोले मैंने तो कभी कोई पाप नहीं किया फिर भी क्या मुझे नरक जाना होगा? इसको सुनकर यमदूत ने बोल कि राजा एक बार आपके द्वार से एक ब्राह्मण भूखा लौट गया था, यह उसी पाप का फल है। यह सुनकर राजा ने प्रायश्चित करने के लिए यमदूत से एक वर्ष का समय मांगा। यमदूतों ने राजा को एक वर्ष का समय दे दिया।

राजा ऋषियों के पास गए और उन्होंने अपनी सारी कहानी उनको बताकर अपनी इस समस्या का हल पूछा। तब ऋषि ने उन्हें बताया कि कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी का व्रत करें और ब्राह्मणों को भोजन करवाएं।राजा ने ऋषि की आज्ञानुसार वैसा ही किया और पाप मुक्त हो गए। इसके पश्चात उन्हें विष्णु लोक में स्थान प्राप्त हुआ। उस दिन से पाप और नर्क से मुक्ति हेतु कार्तिक चतुर्दशी के दिन व्रत और दीप जलाने का प्रचलन हो गया।

ऐसा भी माना जाता है कि छोटी दिवाली के दिन सूर्य के निकलने से पहले नहाने से स्वर्ग की प्राप्ति हो जाती हैं। नहाने के बाद विष्णु मंदिर या कृष्ण मंदिर में भगवान का दर्शन अवश्य करना चाहिए।

read more :

देश के पहले पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी के बारे में जानिए

 

Comments

comments